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वित्त एवं लेखा विभाग ARCI की सभी वित्त-संबंधी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। इस विभाग का मुख्य कार्य "बजट निर्माण" है, जिसकी शुरुआत आगामी वर्ष की वित्तीय आवश्यकताओं की योजना बनाने से होती है, जिसके बाद प्राप्त धनराशि का विवेकपूर्ण उपयोग किया जाता है। बजट निर्माण के मुख्य उद्देश्य से जुड़ी अन्य गतिविधियों में (i) धनराशि के वास्तविक उपयोग तक निष्क्रिय निधियों का निवेश करना, (ii) लेन-देन का लेखांकन और वर्ष के अंत में वित्तीय विवरण तैयार करना, (iii) बाहरी लेखा परीक्षक द्वारा खातों का ऑडिट कराना तथा (iv) वार्षिक वित्तीय विवरणों के लिए शासी परिषद की स्वीकृति प्राप्त करना और वार्षिक रिपोर्ट के माध्यम से उन्हें DST को प्रस्तुत करना शामिल है।

ARCI के लिए धन के मुख्य स्रोत सरकारी अनुदान, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, जॉब वर्क, प्रोटोटाइप की बिक्री तथा अभिलक्षण सेवाओं आदि के माध्यम से केंद्र की तकनीकी आय हैं। धन के उपयोग को पूंजीगत और राजस्व व्यय में वर्गीकृत किया जाता है। पूंजीगत व्यय मुख्य रूप से विभिन्न पूंजीगत उपकरणों की खरीद तथा उपलब्ध बुनियादी ढाँचे के विस्तार और संवर्धन के लिए नियोजित व्यय है। राजस्व व्यय का उपयोग केंद्र के नियमित संचालन के लिए किया जाता है, जिसमें कर्मचारियों के वेतन एवं कल्याण संबंधी खर्च, बिजली, पानी, सुरक्षा, यात्रा व्यय, अनुसंधान एवं विकास के लिए रसायन और उपभोग्य सामग्री, मरम्मत एवं रखरखाव तथा पत्रिकाओं की सदस्यता आदि शामिल हैं।

यह विभाग वेतन एवं भत्तों के निर्धारण और वितरण के साथ-साथ TA/DA, LTC आदि जैसे विभिन्न व्यक्तिगत दावों के प्रसंस्करण के लिए भी जिम्मेदार है। तकनीकी आय के संदर्भ में इसके कार्यों में प्रत्येक परियोजना की लागत का अनुमान लगाना, कोटेशन तैयार करना, प्रोफॉर्मा इनवॉइस और अंतिम इनवॉइस प्रस्तुत करना तथा भुगतान प्राप्त करना शामिल है। कर्मचारियों और बाहरी पक्षों से संबंधित लेन-देन के लिए वैधानिक नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना भी इस विभाग की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

लेखांकन में भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान द्वारा जारी लेखांकन मानकों और DST के प्रधान लेखा कार्यालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुरूप लेखांकन अभिलेखों का रखरखाव शामिल है। इस कार्य का प्रमुख पहलू सभी वित्तीय लेन-देन का रिकॉर्ड रखना, कर्मचारियों और बाहरी एजेंसियों को दिए गए अग्रिमों की निगरानी करना, विभिन्न खाता-बही खातों का रखरखाव, स्थायी परिसंपत्तियों का पूंजीकरण और मूल्यह्रास की गणना करना है। इन सभी गतिविधियों के परिणामस्वरूप वार्षिक वित्तीय विवरण तैयार किए जाते हैं।

वित्त विभाग की एक अन्य प्रमुख गतिविधि VAT, सेवा कर और आयकर (TDS तथा नियमित आयकर दोनों) से संबंधित सभी मामलों का प्रबंधन करना है। इसमें नियमित और आवधिक रिटर्न दाखिल करना, कर निर्धारण की प्रक्रिया पूरी करवाना, करों का संग्रह एवं भुगतान करना, इनपुट टैक्स क्रेडिट का समायोजन प्राप्त करना तथा जहाँ भी देय हो, वहाँ रिफंड प्राप्त करना शामिल है। ARCI को उत्पाद शुल्क (आवक और जावक दोनों) तथा आयकर अधिनियम की धारा 35(1)(ii) के अंतर्गत आयकर से छूट प्राप्त है।

विभाग का समस्त कार्य कम्प्यूटरीकृत है और ऑनलाइन किया जाता है। इसमें प्रचलित शक्तियों के प्रत्यायोजन के अनुसार ऑनलाइन बजट नियंत्रण और स्वीकृतियों की क्रॉस-जाँच तथा सहायक MIS रिपोर्ट शामिल हैं। ऊपर वर्णित विभिन्न गतिविधियाँ केंद्र के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और निर्णय लेने के लिए आवश्यक डेटा बैंक उपलब्ध कराती हैं।

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