
केंद्र का मुख्य उद्देश्य सोल-जेल प्रक्रिया द्वारा निर्मित अकार्बनिक तथा कार्बनिक-अकार्बनिक संकर नैनोकंपोज़िट कोटिंग्स का विकास करना है। नैनोप्रौद्योगिकी 21वीं सदी की प्रमुख प्रौद्योगिकियों में से एक है और सोल-जेल प्रसंस्करण विभिन्न गीली रासायनिक विधियों में से एक है, जिसके माध्यम से नैनो-क्रिस्टलीय या नैनो-स्तरीय अनाकार पदार्थ बनाए जा सकते हैं। सोल-जेल विधि का इतिहास लगभग तीन दशक पुराना है। शुरुआती दौर में काँच और सिरेमिक सहित ऑक्साइड पदार्थों के प्रसंस्करण से शुरू होकर, हाल के समय में गैर-ऑक्साइड पदार्थों की तैयारी तक इसका विस्तार हुआ है। इस तकनीक का उपयोग करके कार्बनिक-अकार्बनिक संकर नैनो-कंपोज़िट पदार्थों का प्रसंस्करण अब अनुसंधान का एक सक्रिय क्षेत्र है। कार्बनिक-अकार्बनिक संकर पदार्थ का लाभ यह है कि यह एक ही पदार्थ में कार्बनिक और अकार्बनिक घटकों के भिन्न गुणों के बीच अनुकूल समन्वय स्थापित कर सकता है। सोल-जेल से प्राप्त संकर नैनो-कंपोज़िट पदार्थों के संश्लेषण में सिलिकॉन या धातु के ऐल्कॉक्साइड के साथ कार्बनिक रूप से संशोधित सिलेन का पॉली-कंडेन्सेशन शामिल होता है। सोल-जेल प्रसंस्करण से विभिन्न प्रकार के पदार्थ बनाए जा सकते हैं, जैसे:
- सघन सिरेमिक पिंड;
- कोटिंग्स/पतली फिल्में;
- एरोजेल;
- मोनोलिथ; और
- सिरेमिक फाइबर,
सोल-जेल प्रक्रिया द्वारा निर्मित संकर नैनोकंपोज़िट कोटिंग्स निम्नलिखित लाभों के कारण व्यावसायिक उपयोग के लिए अत्यंत आशाजनक हैं:
- पर्यावरण के अनुकूल
- नैनो-स्तर पर गुणों को आवश्यकतानुसार ढालने की संभावना
- बहु-कार्यात्मकता
- अकार्बनिक नेटवर्क के कारण अच्छे यांत्रिक गुण
- कार्बनिक घटक के कारण कोटिंग में लचीलापन और कार्बनिक पेंट के साथ अनुकूलता
- स्वतंत्र रूप से पॉलिमर बनने वाले कार्बनिक समूहों के कारण मोटी कोटिंग बनाने की संभावना
- धातुओं/स्टेनलेस स्टील, सिरेमिक टाइलों, काँच और प्लास्टिक जैसे विभिन्न आधार पदार्थों पर लगाने के लिए उपयुक्त
- कम तापमान पर पराबैंगनी (UV)/निकट-अवरक्त (NIR) किरणों से क्योर करने की क्षमता
- रोबोटिक स्वचालन के माध्यम से बड़े क्षेत्रों पर लगाने की उपयुक्तता
- सोल के संश्लेषण और कोटिंग जमाव को बड़े पैमाने पर करने की क्षमता
एआरसीआई में सोल-जेल कोटिंग्स केंद्र की स्थापना 2008 में हैदराबाद में हुई थी। यह कोटिंग प्रौद्योगिकी से संबंधित सभी प्रक्रियाओं के पायलट-स्तर पर प्रदर्शन के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। केंद्र अब विभिन्न प्रकार के अनुप्रयोगों के लिए सोल-आधारित नैनो-कंपोज़िट कोटिंग्स के विकास और प्रदर्शन हेतु कई औद्योगिक भागीदारों के साथ काम कर रहा है। प्रौद्योगिकी को और बेहतर बनाने के लिए केंद्र मूलभूत अनुसंधान भी कर रहा है। ऊपर बताए गए लाभों और कोटिंग्स से प्राप्त की जा सकने वाली विविध कार्यक्षमताओं के कारण, इन्हें व्यापक अनुप्रयोगों में अपनाया जा सकता है। कुछ अनुप्रयोग आगे प्रस्तुत किए गए हैं।